कैसे आधुनिक चिकित्सा हमारे शरीर को बाधा पहुँचाती है?

दुष्परिणाम।

मानव शरीर और संरचना बहुत ही सरल तरीके से बनाया गया है और दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है, आम तौर पर मस्तिष्क से निर्देश, लेकिन हम जीवन की पूरी असंगठित प्रणाली में प्रवेश कर चुके हैं जिसे हमने खुद बनाया है और स्वस्थ जीवन का आनंद लेने में विफल हो जाते हैं।
हमने जीवन की प्राकृतिक प्रणाली को इस हद तक बदल दिया है कि यह शरीर के भीतर कई असंतुलन को जन्म दिया है औरइस प्रकार बीमारियों का जन्म होता है जिसके इलाज के लिए जड़ी-बूटी सहारे की आवश्यकता होती है।

जो रुप हमारे लिए अभिकल्पितकी गईउस रूप में मनुष्य और जानवरों को जीवन जीने के लिए बनाया गया था, लेकिन नियमित रूप से निरंतर अंवेषण और विकास विधि पर मनुष्य जीवन शैली और भोजन शैली में इतने सारे परिवर्तन लाया है कि अंततः भोजन कोदवाओं के लिए मार्ग छोड़ना पड़ा।

अब इंसान बाजार में मिलने वाले प्राकृतिक भोजन के बजाय दवाओं पर ज्यादा ध्यान देते हैं और भरोसा करते हैं। इसलिए, उन्नत और त्वरित रोग निवृत्ति की अति आयु द्वारा प्रस्तुत चुनौती और मांग ने कई दवा कंपनियों को अत्यधिक शक्तिशाली और अस्थिर दवाओं का निर्माण करने के लिए मजबूर किया है जिसका किसी रोग का इलाज करते समय किसी व्यक्ति विशेष की ग्रहणशीलता एवं धारण शक्ति के आधार पर उस व्यक्ति के शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

कई लोग यह समझने में असफल रहते हैं कि त्वरित स्वास्थ्य लाभ कई चुनौतियों के साथ आता है जिसे किसी व्यक्ति का शरीर स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं भी हो सकता है और इस प्रकार शरीर में अन्य विकार पैदा होते हैं जिसके परिणामस्वरूप शरीर और दिमाग में और गंभीर समस्याएँ पैदा हो सकती है। कई ऐसी बीमारी और रोग है जिसे आधुनिक चिकित्सा समाप्त करने में विफल रहता है, मात्र लगभग 90% ठीक करती है और इसलिए शायद अस्थाई आधार पर शरीर और दिमाग को राहत प्रदान करते हैं।

होम्योपैथी और आयुर्वेद जैसी वैकल्पिक चिकित्सा व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन वैकल्पिक दवाओं का मानव शरीर या दिमाग पर कोई प्रतिकूल या दुष्प्रभाव नहीं होता है और इसके अलावा, वे अस्थायी राहत प्रदान करने के बजाय बीमारी या रोग को पूरी तरह से ठीक और खत्म कर देते हैं।

आधुनिक चिकित्सा की तीव्र सफलता का कारण इसकी क्षमता और लोगों की जल्दी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने की आवश्यकता है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा काउत्तर प्रभाव शरीर के भीतर दवा-दवा या दवा- खाद्य प्रतिक्रिया के कारण गंभीर हो सकता है। इन दवाओं का थोड़ी सी अनुचित सेवन या यहां तक कि अधिक मात्रा भी विभिन्न अन्य समस्याओं (साधारण मिचली से लेकर मौत तक) का कारण बन सकता है, जिसे हम समझने में असमर्थ हैं।

उदाहरण के लिए: कैंसर जैसे बीमारी के लिए जिसका हालांकि आज की आधुनिक चिकित्सा में इलाज है, लेकिन समान रूप से किसी व्यक्ति को तोड़ने के लिए इसके दुष्परिणाम भी है।

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