फियोना आयुर्वेद क्या है?

फियोना आयुर्वेद” नाम से नए युग का जड़ी बूटी युक्त उत्पाद स्वस्थ जीवन के लिए तथा रोज के स्वास्थ्य संबंधित विकार दूर करने के लिए प्रभावी उत्पाद फियोना हर्बल्स द्वारा तैयार किया गया है ।

“फियोना आयुर्वेद” का विज्ञान ।
स्वस्थ खान-पान तथा स्वस्थ जीवन शैली के माध्यम से “फियोना आयुर्वेद “ स्वस्थ शरीर तथा स्वस्थ मन की स्थापना में सहायता करता है । फियोना आयुर्वेद के उत्पाद सुनिश्चित अनुपात में समुचित तरीके से निर्मित हैं जो एक तरफ शरीर के स्वस्थ होने की प्रक्रिया को पुनर्जीवित करता है तथा साथ ही शरीर में उपस्थित या बाहर से आक्रमण करने वाले विषाणु,जीवाणु तथा कवक से शरीर की रक्षा के लिए कोशिकाओं को सशक्त बनाता है । “फियोना आयुर्वेद” स्वस्थ आहार एवं स्वस्थ जीवन शैली में सहायक होता है अतः, मानसिक असंतुलन तथा शारीरिक समस्याओं या बीमारियों से मुक्ति दिलाने में मन तथा शरीर को एकरूपता में ढालता है ।

डॉ. समीर धाड़ा,प्रबंध निदेशक,फियोना हर्बल्स “ की विचारधारा

डॉ. धाड़ा ने बताया- हर्बल्स ब्रांड के रूप में फियोना का यह सतत प्रयास है कि इनके साथ जुड़े लोगों के लिए फियोना आयुर्वेद” कार्यक्रम के माध्यम से प्रणाली आधारित,जोखिम मुक्त,आहार नियंत्रित तथा समस्या विहीन स्वस्थ जीवन का आधार स्थापित हो सके। फियोना हर्बल्स ने नियमित आहार की आदत के माध्यम से “जीवन जीने की कला” पर विशिष्ट रूप से बनाए कार्यक्रम द्वारा लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए फियोना आयुर्वेद” का शुभारंभ किया है।फियोना यह मानती है कि “भोजन ही दवा है” तथा “दवा ही भोजन है, अतः ऐसे उत्पाद एवं मिश्रण का निर्माण किया जाना जो शरीर के स्वयं को ठीक करने की शक्ति को पुनर्जीवित कर उसे बीमारी से प्रतिरोध तथा स्वस्थ होने में सहायक हो सके । “फियोना आयुर्वेद” के उत्पाद जड़ी-बूटियों के तत्वों तथा आसव से बने हैं, ये सूक्ष्म कणों में होते हैं जिससे बीमारियों में तेजी से आराम एवं बीमारी से मुक्ति मिलने में सहायता मिलती है ।

फियोना आयुर्वेद के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले शब्द

फियोना आयुर्वेद कैसे काम करता है?
फियोना आयुर्वेद के उत्पाद बीमारियों के लक्षण के अनुसार शरीर के रोग प्रतिरोधक तथा रोग निवारक क्षमता को उद्वेलित कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्ति की ओर अग्रसर करता है।

फियोना आयुर्वेद के प्रमुख लाभ क्या हैं ?
• फियोना आयुर्वेद शरीर के स्वयं के रोग निवारक गुणों का प्रयोग करता है ताकि किसी प्रकार की प्रतिकूल प्रतिक्रिया या रोग की पुनः उत्पत्ति न हो ।
• फियोना आयुर्वेद स्वस्थ होने की प्रक्रिया में तेजी लाता है ।
• फियोना आयुर्वेद शरीर को किसी भी परिवर्तन के लिए बाध्य नहीं करता है , अतः इसकी प्रक्रिया काफी नम्र है ।
• फियोना आयुर्वेद बीमारी के सम्पूर्ण विवरण तथा उसके प्रगति पर आधारित है ।

फियोना आयुर्वेद चिकित्सा में कितना समय लगता है?
यह बीमारी की जटिलता अवधि(कबसे है) पर निर्भर करता है । किसी व्यक्ति को यदि लंबी अवधि से कोई जटिल रोग(जैसे अविकसित थाइराइड)हो तो उसे ठीक होने में कई महीने लग सकते हैं , कभी-कभी तो पूरी तरह से स्वस्थ होने में कई वर्ष भी लग सकते हैं । तीव्र समस्या जैसे कि भोजन की विषाक्तता, चोट, जल जाना आदि में कुछ घंटों या सेकेंडों में आराम मिल सकता है ।

जब मेरी भेंट फियोना आयुर्वेद चिकित्सक से होगी तब क्या होगा ?
पहली बार बीमारी की सम्पूर्ण जानकारी देने की आवश्यकता होगी । आप जितना अधिक अपनी बीमारी,अपने खान-पान, जीवन शैली और स्वास्थ्य,पसंद-नापसंद,भावनाओं के बारे में बताएंगे उतना ही चिकित्सक के लिए आपकी बीमारी का सही निदान करने में होगी ।

क्या यह बच्चों/शिशु/गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है?
हाँ,फियोना आयुर्वेदिक औषधियाँ शरीर की रोग निवारक क्षमता की प्रक्रिया का प्रयोग करती है अतः ये शरीर पर किसी प्रकार का जोर नहीं लगते और एक दम सुरक्षित हैं ।

क्या फियोना आयुर्वेद किसी बीमारी में काम करेगी?

हाँ,पर निम्नलिखित परहेज के साथ :

• यदि किसी अंग की अपूर्णीय क्षति हो चुकी हो तो उसे वापस पहले जैसा नहीं किया जा सकता ,फियोना आयुर्वेद लक्षणों में आराम पँहुचाएगी ।
• यदि शल्य क्रिया की आवश्यकता हुई(जैसे किसी दुर्घटना के कारण), फियोना आयुर्वेद स्वास्थ्य लाभ में काफी सहायक होगी जैसे जर्मनी के कई अस्पतालों तथा यूनाइटेड किंगडम के कुछ अस्पतालों में भी ऐसी ही दवाओं का प्रयोग किया जाता ।
• यदि कोई ऐसा कारण है जो शरीर को स्वतः ठीक होने नहीं देता है जैसे गलत आहार या रहन-सहन,याकिसी एलर्जी उत्पन्न करने वाली वस्तु (जैसे की लोगों में गेहूँ या डेयरी उत्पाद का असर) का लगातार प्रभाव । इन मामलों में यह आवश्यक होगा कि समस्या को व्यक्ति से अलग किया जाए, यदि स्थाई रूप से न हो सके तो कम से कम अस्थाई तौर पर ही उसे ऐसी परिस्थिति से तबतक दूर रखा जाए जब तक वह स्वस्थ न हो जाए ।
• यदि पारंपरिक औषधियों से लक्षणों को नियमित रूप से दबा दिया जाता है(जैसे माहवारी की समस्या को गोलियों या स्टेरॉइड से दबा दिया जाना) ।

फियोना आयुर्वेद किन बीमारियों को ठीक कर सकता है ?


फियोना आयुर्वेद की चिकित्सा पद्धति पारंपरिक चिकित्सकों के उपचार की पद्धति के समान नहीं है,हम बीमारी का नहीं करते बल्कि व्यक्ति का इलाज करते है। बीमारी की अवधारणा लक्षणों के आम प्रारूप की जानकारी लेने की एक आसान प्रक्रिया है ताकि उदाहरण स्वरूप खसरा,सर्दी -खाँसी या गठिया आदि बीमारियों की पहचान की जा सके। हर व्यक्ति में उसकी बीमारी से संबंधित विवरण का अलग-लग प्रारूप होता है और यह जरूरी नहीं है कि जो लक्षण उसमें हों वे उस बीमारी के आम लक्षण ही हों,कुछ विचित्र लक्षण भी हो सकते हैं । इसका कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि किसी एकल मामले में आम लक्षण को बहुत महत्व दिया जाए, तथा उन बीमारियों में उत्पन्न कुप्रभाव यह प्रमाण हैं कि पहली बात ही सही है : और सही उपचार के चयन के लिए व्यक्ति के शरीर में उत्पन्न होने वाले लक्षण अधिक महत्वपूर्ण हैं ।

“फियोना आयुर्वेद”में स्वास्थ्य के लिए उपयोगी आहार परिपूरक उत्पाद हैं, दैनिक स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए इनका प्रयोग किया जा सकता है वह भी बिना किसी प्रतिकूल प्रभाव के । इसका नवीनतम उत्पाद सर्दी-खांसी, पेट की समस्या, बवासीर, कोष्टबद्धता, दमा, मधुमेह, बदहजमी और त्वचा एवं बालों से भी जुड़ी समस्याओं के निदान में सहायक है । “फियोना आयुर्वेद” कार्यक्रम के उत्पाद अन्य कंपनियों के उत्पादों की तुलना में स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं में द्रुत गति से लाभ दिलाने में सहायक हैं ।

क्या फियोना आयुर्वेद केवल लक्षणों का ही निदान करता है?
नहीं, चूंकि बीमारी के लक्षणों के इलाज और बीमारी के पूर्ण इलाज में काफी अंतर है क्योंकि फियोना आयुर्वेद में केवल ऊपरी ही नहीं बल्कि समस्त लक्षणों का विवरण लेते हुए बीमारी का पूर्णतः निदान किया जाता है ।

क्या मुझे डॉक्टर को दिखाना ही पड़ेगा?
सामान्यतया आपको अपनी चिकित्सक से बहुत कम ही मिलना होगा क्योंकि आपकी बीमारी का निदान होना प्रारंभ हो जाएगा पर डॉक्टर के साथ ही फियोना चिकित्सक से मिलने के कई और भी अच्छे कारण हो सकते हैं ।
• यदि आपको कोई जटिल बीमारी हो तथा डॉक्टर दिखाते रहे हैं तो आप उन्हें अवश्य बताएँ कि आप फियोना चिकित्सक से भी परामर्श ले रहे हैं । यदि आप कोई दवा ले रहे हों तो जैसे-जैसे स्थिति में सुधार होने लगे,यह आवश्यक है दवाओं के खुराक को नियंत्रित करने के लिए निगरानी जरूरी होगी अतः आपके डॉक्टर से अच्छे संबंध रखना अधिक महत्वपूर्ण होगा ।
• आपके चिकित्सक NHS पर आपकी आवश्यक जांच करवा सकते हैं ।
• कुछ नियोक्ता आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा दी गई चिकित्सा नोट स्वीकार नहीं करते , और ऐसे भी अवसर आते हैं जब इनकी आवश्यकता होती है, अतः अपने चिकित्सक से अच्छे संबंध बनाए रखा आवश्यक है ।

क्या फियोना आयुर्वेद पारंपरिक औषधियों के साथ कारगर होगा?


हाँ,फियोना आयुर्वेद पारंपरिक औषधियों के साथ काफी अच्छे से काम करेगी । तथापि,यह आवश्यक है कि आपके सलाहकार को यह पता हो कि आप किन पारंपरिक औषधियों का प्रयोग कर रहे हैं,क्या इसे किसी चिकित्सक की सलाह पर ली जा रही है या फिर स्वयं दुकान से खरीद कर ले रहे हैं,इसमें विटामिन और अन्य खाद्य प्रतिपूरक भी शामिल हैं। दो चिकित्सा विधाओं की औषधियों में आपस में विरोधाभास भी हो सकता है, अतः यदि ऐसा कुछ हो तो इसके बारे में आयुर्वेदिक चिकित्सक को जानकारी होनी चाहिए । कभी ऐसा अवसर भी या सकता है जब आपको दोनों विधाओं में से किसी एक पर भरोसा कर उसे चुनने की आवश्यकता आन पड़े ।

इसके साथ ही:
• कोई भी जिम्मेदार आयुर्वेदिक चिकित्सक आपको अपनी पारंपरिक औषधियों के सेवन से मना नहीं करेगा।
• कुछ मामलों में,जब पारंपरिक औषधि शरीर के किसी प्रमुख अंक को दबा रही हो(जैसे स्टेरॉइड एवं हार्मोन चिकित्सा)। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिक कठिन हो सकती है; औषधियों को बार-बार या लंबी अवधि तक लेने की आवश्यकता पड़ सकती है; या कई बार काम न करे ।

क्या फियोना आयुर्वेद जड़ी-बूटी चिकित्सा (हर्बलिज़्म) ही है?
हाँ । जड़ी बूटी चिकित्सा चिकित्सा की एक पद्धति है जिसमें पौधों के अर्क एवं जड़ी बूटी का प्रयोग किया जाता है । मूल रूप से जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है तथा व्याधि विशेष के आधार पर औषधियों का चयन किया जाता है ।

क्या यह सत्य है कि फियोना आयुर्वेद प्राकृतिक औषधि का एक प्रारूप है?
हाँ,फियोना आयुर्वेद रोगी की आवश्यकता के अनुरूप होता है ताकि इसके प्रयोग से शरीर स्वयं ही अपने रोगनिवारक गुण का उपयोग कर सके । यह शरीर को स्वास्थ्यलाभ के लिए मजबूर नहीं करता बल्कि शरीर स्वतः ही अपनी रोगनिवारक शक्ति को पुनर्जीवित कर लेता है । फियोना आयुर्वेद की औषधियों के निर्माण की प्रक्रिया में काफी समय लगता है तथा इसके लिए काफी अनुभव एवं गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता होती है ।

फियोना आयुर्वेद के अनुसार “बेहतर हो रहा है” का क्या अर्थ है?
फियोना आयुर्वेद यह स्पष्ट करती है कि “बेहतर हो रहा है” के अर्थ में इन्होंने स्वस्थ होने की प्रक्रिया के प्रारूप को देखा है ।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि,मानव हमेशा से ही उद्विकासी तथा खोजी रहा है पर इस विकास एवं खोज के दौरान खतरे भी काफी रहे हैं । अब चूंकि हम 21 वीं सदी में प्रवेश कर चुके हैं,यह देखा गया है कि मानव की सबसे बड़ी समस्या है स्वास्थ्य समस्या तथा इन स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण उसके खान-पान और जीवन शैली से सम्बद्ध है । हमें सदा याद रखनी चाहिए कि फियोना आयुर्वेद फियोना आयुर्वेद ने हर व्यक्ति के लिए ऐसे उत्पाद का निर्माण किया है जो खाद्य परिपूरक हैं,ये औषधि आधारित नहीं हैं,जो व्यक्ति को स्वस्थ-सुखी तथा हर प्रकार के पाश्च प्रतिक्रिया विहीन जीवन देता है । बिना किसी स्वास्थ्य समस्याओं के जीवन जीने के मनुष्य के इसी क्षमता को “जीने की कला’ कहा जाता है ।

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